Saturday, September 17, 2022

सभी रोगों में प्रभावी काम्ब थेरेपी: ट्रेनिंग लेकर आरोग्य प्रदान करें एवं प्रेक्टिस करें

निश्चित रूप से आपने काम्ब डिटाक्स थेरेपी का नाम पहली बार सुना होगा। यह आरोग्य की एक नयी विधा है। यह एक सहायक थेरेपी है। जिसमें शरीर की स्वयं को ठीक करने की शक्ति को जागृत करके रोगी को रोगमुक्त करने का प्रयास किया जाता है। यह आरोग्य की तीन स्तरीय पद्धति है। पहले स्तर पर पीडित के सिर पर स्थित सूक्ष्म बिन्दुओं को सक्रिय किया जाता है। ये सूक्ष्म बिंदु शरीर के सभी अंगों से जुडे होते हैं। अतः इनकी सक्रियता रोगग्रस्त स्थान को आरोग्य करती है। दूसरे स्तर पर पीडित के सिर पर स्थित सूक्ष्म बिंदुओं पर जैव ऊर्जा आरोपित की जाती है, जो रोगग्रस्त अंग तक जाकर ऊर्जा की कमी को पूरा कर आरोग्य प्रदान करती हैं। आवश्यकता पडने पर तृतीय स्तर का प्रयोग किया जाता है। इसमें पीडित के सिर पर ही फार इन्फ्रा किरणों से सूक्ष्म बिंदुओं को शक्तिकृत किया जाता है। फार इन्फ्रा किरणें कृतिम रूप से बनाई नहीं जाती, बल्कि ऐसे प्राकृतिक तत्वों का प्रयोग किया जाता है जिनमें प्राकृतिक रूप से फार इन्फ्रा किरणें होती हैं। यह किरणें इतनी सूक्ष्म होती हैं कि भौतिक स्तर पर इनकी अनुभूति नहीं होती। परन्तु इनके परिणाम चमत्कारी होते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में लिम्फैटिक सिस्टम में आए अवरोधों को दूर कर डिटाक्सीफिकेशन सुनिश्चित किया जाता है। इस चमत्कारिक आरोग्य विधि का लाभ जन जन तक पहुँचाने के लिये काम्ब डिटाक्स थेरेपी मे प्रशिक्षण देने का काम प्रारम्भ किया जा चुका है। इच्छुक लोगों को 1० दिन की ट्रेनिंग दी जायेगी। ट्रेनिंग लेकर आप रोगियों की सेवा करने योग्य हो जाते हैं। इस ट्रेनिंग को कोई भी 18 वर्ष से ऊपर की महिला या पुरूष कर सकता है। ट्रेनिंग लेकर सर्वप्रथम व्यक्ति अपने परिवार को आरोग्य प्रदान करेगा। इससे व्यक्ति मे काम्ब डिटाक्य थेरेपी के प्रति विश्वास और श्रृद्धा बढती है। विश्वास दृण हो जाने पर प्रशिक्षित व्यक्ति अपने घर पर ही रोगियों की सेवा का कार्य कर सकता है। इसके साथ फिजियोथेरेपिस्ट की तरह रोगियों के घर जाकर उनकी सेवा भी की जा सकती है। इसको फुल टाइम या पार्ट टाइम भी किया जा सकता है। एक मोटे अनुमान के अनुसार यदि आप दिन में मात्र आठ रोगियों की सेवा एक एक घण्टे करते है तो आपकी मासिक आय होगी चौबीस हजार रूपये। इस आय को आप अपनी इच्छा और आवश्कता के अनुसार घटा बढा सकते हैं। इस कार्य में असीम सम्भावनायें हैं। पीडित लोगों की सेवा करने का सुख और सन्तुष्टि इस काम में है। पीडित लोगों का आशीर्वाद आपको बोनस के रूप में मिलता है। चूँकि यह एक नई विधा है इस लिये जो भी लोग पहले इस काम में लगेंगे वे ही भविष्य में अगली पक्ति में खडे दिखेंगे। अतह यह एक सुन्दर कैरियर सुखद कार्य और शानदार भविष्य का द्वार खोलता है। ट्रेनिंग के लिये आज ही अपना नाम इनरोल कीजिये। इनरोल करने के लिये आज ही 9335128544 पर ट्रेनिंग लिख कर व्हाट्स ऐप करें। यह ट्रेनिंग आप अपने घर पर रह कर पूरी कर सकेंगे। ट्रेनिंग आन लाइन होगी। ट्रेनिंग का शुल्क रूपया 200 होगा, जो आनलाइन देय होगा।

सीपीआर करके आप किसी मरते को जीवन दे सकते है, आइए सीखे सीपीआर करना

हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट, डूबना, सांस घुटना और करंट लगना जैसी स्थितियों में सीपीआर की आवश्यकता हो सकती है। अगर व्यक्ति की सांस या धड़कन रुक गई है, तो जल्द से जल्द उसे सीपीआर दें क्योंकि पर्याप्त ऑक्सीजन के बिना शरीर की कोशिकाएं बहुत जल्द खत्म होने लगती हैं। मस्तिष्क की कोशिकाएं कुछ ही मिनटों में खत्म होने लगती हैं, जिससे गंभीर नुकसान या मौत भी हो सकती है।

अध्ययनों से पता चलता है कि अगर अधिक लोगों को सीपीआर देना आ जाए तो कई जानें बचाई जा सकती हैं, क्योंकि सही समय पर सीपीआर देने से व्यक्ति के बचने की सम्भावना दोगुनी हो सकती है।

सीपीआर कब देना चाहिए

  • अचानक गिर जाने पर - व्यक्ति के अचानक गिर जाने पर उसकी सांस और नब्ज़ देखें।
  • बेहोश होना - बेहोश होने पर व्यक्ति को होश में लाने की कोशिश करें और अगर वह होश में न आए, तो उसकी सांस और नब्ज़ देखें।
  • सांस की समस्याएं - सांस रुक जाना या अमियमित सांस लेने की स्थिति में सीपीआर देने की आवश्यकता होती है। 

नब्ज़ रुक जाना - अगर व्यक्ति की नब्ज़ नहीं मिल रही है, तो हो सकता है उसके दिल ने काम करना बंद कर दिया हो। ऐसे में व्यक्ति को सीपीआर देने की आवश्यकता हो सकती है।

  • करंट लगने पर - अगर किसी व्यक्ति को करंट लगा है, तो उसे छुएं नहीं। लकड़ी की मदद से उसके आसपास से करंट के स्त्रोत को हटाएँ और इस बात का ध्यान रखें कि किसी भी वस्तु में करंट पास न हो सके।
  • डूबना/ ड्रग्स/ धुंए के संपर्क में आना - इन स्थितियों में व्यक्ति की नब्ज़ व सांस की जांच करें। उसे सीपीआर की आवश्यकता हो सकती है।
  • सीपीआर देना शुरू करने से पहले निम्नलिखित बातों की जांच कर लें -

    • क्या आसपास का वातावरण व्यक्ति के लिए सुरक्षित है?
    • व्यक्ति होश में है या बेहोश है?
    • अगर व्यक्ति बेहोश है, तो उसके कंधे को हिलाकर ऊँची आवाज़ में पूछें कि क्या वह ठीक हैं।
    • अगर व्यक्ति जवाब नहीं देता है और वहां दो लोग मौजूद हैं, तो एक व्यक्ति को एम्बुलेंस बुलाने के लिए कहें और दूसरे व्यक्ति से “डीफिब्रिलेटर” (Defibrillator: करंट द्वारा दिल की अनियमित धड़कन को सामान्य करने वाला एक उपकरण) मंगवाएं।
    • अगर डीफिब्रिलेटर मिल जाता है, तो उसपर दिए गए निर्देशों के अनुसार व्यक्ति को करंट का एक झटका दें और फिर सीपीआर शुरू करें।
    • अगर आप अकेले हैं और आपके पास फोन है, तो सीपीआर शुरू करने से पहले तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं।
    • बड़ों को सीपीआर देने का 

      छाती दबाना

      1. व्यक्ति को एक समतल जगह पर पीठ के बल लिटा दें।
      2. व्यक्ति के कन्धों के पास घुटनों के बल बैठ जाएं।
      3. अपनी एक हाथ की हथेली को व्यक्ति की छाती के बीच में रखें। दूसरे हाथ की हथेली को पहले हाथ की हथेली के ऊपर रखें। अपनी कोहनी को सीधा रखें और कन्धों को व्यक्ति के की छाती के ऊपर सिधाई में रखें।
      4. अपने ऊपर के शरीर के वजन का इस्तेमाल करते हुए व्यक्ति की छाती को कम से कम 2 इंच (5 सेंटीमीटर) और ज़्यादा से ज़्यादा 2.5 इंच (6 सेंटीमीटर) तक दबाएं और छोड़ें। एक मिनट में 100 से 120 बार ऐसा करें।
      5. अगर आपको सीपीआर देना नहीं आता है, तो व्यक्ति के हिलने डुलने तक या मदद आने तक उसकी छाती दबाते रहें।
      6. अगर आपको सीपीआर देना आता है और आपने 30 बार व्यक्ति की छाती को दबाया है, तो उसकी ठोड़ी को उठाएं जिससे उसका सिर पीछे की ओर झुकेगा और उसकी श्वसन नली खुलेगी।

      सांस देना

      • घायल व्यक्ति को साँस देने के दो तरीके होते हैं, ‘मुंह से मुंह’ में साँस देना और ‘मुंह से नाक’ में साँस देना। अगर व्यक्ति का मुंह बुरी तरह से घायल है और खुल नहीं सकता, तो उसे नाक में सांस दिया जाता है।
      • व्यक्ति की ठोड़ी ऊपर उठाएं और मुंह से साँस देने से पहले व्यक्ति की नाक को बंद करें।
      • पहले एक सेकंड के लिए व्यक्ति को सांस दें और देखें कि क्या उसकी छाती ऊपर उठ रही है। अगर उठ रही है, तो दूसरी  दें। अगर नहीं उठ रही है, तो फिर से व्यक्ति की ठोड़ी ऊपर उठाएं और सांस दें। व्यक्ति को बहुत अधिक या बहुत ज़ोर लगाकर सांस न दें।
      • डीफिब्रिलेटर आने पर निर्देशानुसार इसका प्रयोग करें। एक बार करंट का झटका दें और फिर व्यक्ति की छाती दबाकर सीपीआर शुरू करें और दो मिनट बाद फिर से झटका दें।
      • CPR steps
      • 1- Check responsiveness
      • 2-Call ambulance
      • 3-Remove clothing
      • 4-Open airway
      • 5-Check for breathing
      • 6-Give 2 breaths
      • 7-Check for pulse
      • 8-Start compression

टाइप 3 डाइबिटीज- क्या एक नई आफत है?

क्या आपने टाइप 3 डायबिटीज के बारे में सुना है?

वास्तव में, आप में से 50% से अधिक लोग वर्षों से इससे पीड़ित हैं, और शायद उन्होंने कुछ लक्षणों पर ध्यान दिया है, लेकिन आपने सोचा कि वे सामान्य उम्र बढ़ने की प्रक्रिया का एक हिस्सा थे।

हालांकि, जल्द ही, वे लक्षण अपरिवर्तनीय हो सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि लक्षणों के  स्थायी होने से पहले स्थिति को उलटने के लिए कुछ ही दिनों प्रयास करना होगा।

टाइप 3 मधुमेह की आधुनिक बीमारी है। जिसे अल्जाइमर भी कहा जाता है।

• अल्जाइमर को उम्र और पारिवारिक इतिहास के कारण माना जाता था। लेकिन आधुनिक विज्ञान इंसुलिन प्रतिरोध को इसका मुख्य कारण मानता है।

• इंसुलिन प्रतिरोध के साथ, आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं को इंसुलिन नहीं मिल पाता और वे मरने लगती हैं।

• आपके मस्तिष्क का स्मृति केंद्र, जिसे हिप्पोकैम्पस कहा जाता है, इस इंसुलिन की अनुपस्थिति में ताजा यादें संग्रहीत नहीं कर सकता है। तो आप पुरानी यादें तो याद करते हैं लेकिन हाल की घटनाओं को भूल जाते हैं।

• मधुमेह शरीर का इंसुलिन प्रतिरोध है; अल्जाइमर मस्तिष्क का इंसुलिन प्रतिरोध है। एक ही कारण; विभिन्न अंग।

• जब तक आप किसी स्मृति हानि को नोटिस करते हैं, तब तक आपका हिप्पोकैम्पस 10% तक सिकुड़ चुका होता है और मस्तिष्क ग्लूकोज मेटाबालिज्म 25% कम हो जाता है। स्मृति हानि के किसी भी लक्षण को नोटिस करने से पहले अल्जाइमर वर्षों में सेट हो जाता है।

• यदि आपके पास इंसुलिन प्रतिरोध नहीं है, तो रिफाइण्ड कार्बोहाइड्रेट जैसे चीनी, आटा, और जूस का सेवन बंद कर दें।

• यदि आपके पास इंसुलिन प्रतिरोध है, तो जटिल कार्बोहाइड्रेट सहित अपने सभी कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें।

• यदि आपकी याददाश्त हल्की है, तो आप केवल छह सप्ताह में उच्च वसा, कम कार्ब आहार  खाकर अपनी याददाश्त में सुधार कर सकते हैं।

आहार और जीवन शैली में परिवर्तन अल्जाइमर से बचाने में सहायक है।

Sunday, September 11, 2022

रूमेटाइड आर्थराइटिस के सफल प्रबंधन के लिए रोगियों का आवाहन


मैं प्रयागराज से डॉ. दिनेश कुमार पिछले कई वर्षों से अपनी टीम के साथ दवाओं के केमिकल फ्री विकल्प उपलब्ध कराने के लिए सघन शोध कर रहे हैं। अब तक हमने कई केमिकल फ्री विकल्प उपलब्ध कराए हैं। जिनमे ब्लड प्रेशर, कोलेस्टेराल, मोटापा,लम्बाई बढ़ाना, आई साइट इम्प्रूव करने, डिजिटल स्ट्रेन और इनसोमनिया के केमिकल फ्री विकल्प सम्मिलित है। आप पूरी सूची हमारी वेबसाइट पर देख सकते हैं। 
हमें धोषणा करते हुए हर्ष हो रहा है कि वर्षों के सघन अनुसंधान के परिणाम स्वरूप हमारी टीम को एक ऐसे रोग पर *सफलता* प्राप्त हुई है, जिसका संसार में कोई *इलाज* नहीं है। वह रोग है *रूमेटाइड आर्थराइटिस* इस रोग में हमारे रोग प्रबंधन की सफलता दर ७५% है। हम अब इसे आम रोगियों के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय ले चुके हैं।
रोग प्रबंधन में मूलत: दो सोल्यूशन होंगे (१)इन्हेलर (२)फुट सोल एप्लीकेटर। दोनों ही उत्पाद १००% केमिकल फ्री हैं। इन्हे फूलों, फलों एवं वनस्पतियों में प्रकृति प्रदत्त महंगे शुद्ध तेलों से बनाया गया है। इनका किसी प्रकार का साइड इफेक्ट नहीं है और न ही कोई हानि है। इनके प्रयोग से किसी प्रकार की आदत भी नहीं पड़ती है। उल्टे यह मनुष्य को केमिकल युक्त दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाते हैं। हमने निर्णय लिया है रूमेटाइड आर्थराइटिस का इलाज कर थक चुके स्त्री/पुरूषों का रोग प्रबंधन हम करेंगे। आपके परिवार में, परिचितों में कोई भी ऐसे रोगी हों तो उन्हे हमसे कनेक्ट कीजिए। हम १०-१० लोगों के ५-७ बैच बना कर १५ -२५ दिन का कोर्स चलाएंगे। इनसें मात्र २०० रूपए लिए जाएंगे, वह भी इस लिए कि मुफ्त का लोग महत्व नही समझते। हां आराम होने पर उन्हे इन्हेलर तथा फुट एप्लाकेटर के मूल्य के साथ परामर्श शुल्क भी देना होगा। इनके परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
*नोट: यहां यह स्पस्टीकरण दिया जाता है, कि यह रोग प्रबंधन का एक प्राकृतिक विकल्प है, अत: हम रोग ठीक करने का कोई दावा नहीं कर रहे हैं।
आप किसी प्रकार की आगे की जानकारी चाहते हैं तो संवाद करें। केवल प्रश्न पूछने के लिए प्रश्न न पूछे जाए! नए रोगी जिनके पास बडे अस्पतालों का विकल्प बचा है, उन्हे न कनेक्ट करें। आपके रचनात्मक सुझावों का भी हम स्वागत करेंगे। धन्यवाद

Wednesday, September 7, 2022

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Tuesday, September 6, 2022

BellyGo: Weight Loss and Belly Reducing Inhaler

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